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Bihar News: नवादा में हाथियों का तांडव, बुजुर्ग की मौत, चार लोगों की जान जा चुकी

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बिहार के नवादा में जंगली हाथियों के हमले से बुजुर्ग की मौत, अब तक 4 लोगों की जान गई, ग्रामीण दहशत में, वन विभाग सक्रिय।

नवादा/आलम की खबर:बिहार के नवादा जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, झारखंड के जंगलों से भटके हाथियों का झुंड अब आबादी वाले इलाकों में घुसकर ग्रामीणों के लिए जान का खतरा बन चुका है, आए दिन हो रहे हमलों ने पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, ताजा घटना ने एक बार फिर इस संकट की गंभीरता को उजागर कर दिया है, जिसमें एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई है और अब तक इस तरह की घटनाओं में चार लोगों की जान जा चुकी है।

यह दर्दनाक घटना गोविंदपुर थाना क्षेत्र के आजाद नगर मोहल्ले की है, जहां शनिवार सुबह लगभग 60 वर्षीय बच्चू राम जंगली हाथी के हमले का शिकार हो गए, बताया जाता है कि बच्चू राम रोज की तरह सुबह घर से बाहर निकले थे, लेकिन उसी समय पास के इलाके में छिपे हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया, यह हमला इतना तेज और अप्रत्याशित था कि उन्हें बचने का कोई मौका नहीं मिला और वे उसकी चपेट में आ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जंगली हाथी ने बच्चू राम को अपनी सूंढ़ से उठाकर जोर से जमीन पर पटक दिया और इसके बाद भी उसका आक्रोश शांत नहीं हुआ, उसने अपने भारी पैरों से उन्हें बेरहमी से कुचल दिया, इस भयावह हमले में बच्चू राम की मौके पर ही मौत हो गई, घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए और दूर से ही भयभीत होकर देखते रह गए, कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

हमले के बाद हाथी पास के खेतों और झाड़ियों में जाकर छिप गया, जिससे इलाके में दहशत और बढ़ गई, ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से यह हाथियों का झुंड लगातार इस क्षेत्र में घूम रहा है और समय-समय पर लोगों और खेतों को निशाना बना रहा है, इससे ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और लोग अब पूरी तरह डरे हुए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे पहले भी इसी इलाके में हाथियों के हमले में तीन अन्य लोगों की मौत हो चुकी है, लगातार हो रही इन घटनाओं ने ग्रामीणों को पूरी तरह सहमा दिया है, अब लोग रात में घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं और दिन के समय भी समूह बनाकर ही आवाजाही कर रहे हैं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से घरों के अंदर ही रखा जा रहा है ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।

ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद समय पर ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस हाथी झुंड को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर नहीं किया गया, तो और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं और जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।

घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए, अधिकारियों के अनुसार हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, इसके लिए विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है ताकि बिना किसी नुकसान के हाथियों को उनके प्राकृतिक आवास में वापस पहुंचाया जा सके।

वन विभाग का कहना है कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में विशेष टीमों को तैनात किया गया है, साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है, प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

कुल मिलाकर नवादा में जंगली हाथियों का यह आतंक अब एक गंभीर वन्यजीव-मानव संघर्ष का रूप ले चुका है, जिसने स्थानीय जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, अब सभी की नजर वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि वे कितनी जल्दी इस स्थिति पर नियंत्रण पाते हैं और ग्रामीणों को इस खौफ से राहत दिला पाते हैं।

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